उदयगिरी में उत्कीर्ण भगवान नृसिंह की सबसे पुरानी प्रतिमा.....!
कुछ दिनों पहले मुझे सांची के पास ही स्थित उदयगिरी की गुफाओं का भ्रमण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। गुप्तकाल में बनी हुई उदयगिरी की बीस गुफायें देवी देवताओं के प्राचीन प्रतिमाओं के लिये विश्व प्रसिद्ध है। यहां स्थित वराह भगवान की प्रतिमा विश्व में अद्वितीय प्रतिमा है।
गुप्तयुगीन मूर्तिशिल्प को समझने व देखने के लिये उदयगिरी की गुफायें किसी भी शोधकर्ता के लिये बेहद महत्वपूर्ण स्थल है। गुप्त सम्राटों ने पत्थरों को काटकर छोटी छोटी गुफाओं का निर्माण करवाया और उन गुफाओं तथा बाहर की चटटानों पर वैष्णव तथा शैव धर्म से संबंधित अनेक प्रतिमायें उत्कीर्ण करवाई।
पहाड़ी के उपर की ओर जाने वाले गलियारें में बांयी तरफ भगवान नृसिंह की प्रतिमा उत्कीर्ण है। भगवान नृसिंह की यह प्रतिमा भारत की सबसे प्राचीन प्रतिमा मानी जाती है। यह प्रतिमा एक आले में स्थापित है। दोनों तरफ दो द्वारपाल स्थापित है। उपर चटटान में खुदाई को देखकर लगता है कि इसके उपर छत का निर्माण करने की भी योजना थी।
उदयगिरी गुफायें भारत के स्वर्णिम अतीत को आज भी संरक्षित किये हुए है। जीवन में एक बार हर किसी को उदयगिरी की इन गुफाओं को जरूर देखना चाहिये।


