चितावरी देवी मन्दिर धोबनी....!
रायपुर बिलासपुर मार्ग में दामाखेडा ग्राम से बाये तरफ अन्दर की ओर दो किलो मिटर की दुरी पर धोबनी ग्राम स्थित है। इस ग्राम के मध्य में तालाब के किनारे चितावरी देवी का विशाल पश्चिमाभिमुख मन्दिर अवस्थित है।
यह मुलत शिव मन्दिर है। मन्दिर एक ऊँचे चबुतरे पर निर्मित है। मन्दिर का नीचे का हिस्सा पत्थर से बना है। मन्दिर का शिखर वाला भाग इंटो से निर्मित है। उपर में आमलक एवं कलश स्थापित नहीं है। .
मन्दिर का गर्भगृह वर्गाकार है। मन्दिर के शिखर का सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारन सीमेंट की ढ़लाई कर जीर्णोद्धार किया गया है। गर्भ गृह में शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के बीच में दरार है। जिस पर सिन्दुर पुता है। ग्राम वासी इसको चितावरी देवी के नाम से पूजा करते है इसलिये इस मन्दिर को चितावरी देवी के मन्दिर के नाम से जाना जाता है।
गर्भगृह का नीचे का हिस्सा लाल बलुआ पत्थरो से बना है। ऊपर का पुरा हिस्सा लाल पकी इंटो से बना है। यह मन्दिर तारे की आकृति में निर्मित है। मन्दिर के बाहरी दिवारो पर चैत्य गवाक्ष , व्याल अंकन किया गया है। मन्दिर के बाहरी तरफ दरवाजे की आकृति निर्मित है जिसमे दांये पल्ले में एक नायिका को झांकते हुए बड़ी सुन्दरता पूर्वक दर्शाया गया है।
उसी प्रकार दुसरे तरफ के दरवाजे में दाये पल्ले में एक नायिका कमल की कली पकड़े हुए खडी है। दाये हाथ के नीचे एक पुरूष प्रतिमा बैठी हूई प्रदर्शित है। यह मन्दिर सुरक्षित अवस्था में है।
इंटो से निर्मित तारा आकृति के मन्दिरो में यह प्रमुख है। स्थापत्य कला के आधार पर इतिहासकार इसे सोम वंशी काल में 9 वी सदी में निर्मित मानते है!


























