Monday, 4 February 2019

झुकी हुई दिवारों का हिंडोला महल

झुकी हुई दिवारों का हिंडोला महल....!

मांडू में हिंडोला महल शाही महल परिसर में जहाज महल के पास ही है। हिंडोला महल का शाब्दिक अर्थ होता है झूलता महल। मांडू के सभी इमारतों में हिंडोला महल सबसे निराला है। अन्य महलों के विपरित इस महल की बाहरी सपाट दीवारे 77 अंश पर झुकी हुई है जिसके कारण महल हिंडोला (झूला) के समान प्रतीत होता है। 

स्थापत्य कला की दृष्टि में यह महल मांडू के अन्य महलों की तुलना में सादगी पूर्ण शैली में निर्मित है।  इस महल का आकार अंग्रेजी में टी के आकार का है जो कि बाद में परिवर्धित किया गया है।  महल के भीतरी भाग में एक ढालू मार्ग के महल के नीचे से महल के उपर तक इस प्रकार बनाया गया है कि उस पर होकर राजपरिवार की महिलायें पालकी, घोड़े या हाथी पर बैठे-बैठे ही उपरी मंजिल तक पहुंच सके इसी कारण इस मार्ग का नाम हाथी चढ़ाव रखा गया है।  

यह महल वास्तव में एक विशाल सभा भवन है जो कि यहां के सुल्तानों का दीवान ए खास था। यहां पर बैठकर सुल्तान प्रजा की समस्या सुनते थे। कुछ इतिहासकार इस भवन का निर्माणकर्ता होशंगशाह को मानते है तो कुछ ग्यासुददीन खिलजी के काल में निर्मित मानते है। आज मौन खड़ा यह महल अतीत में बेहद ही प्रभावशाली और संुदर रहा होगा। 










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