Monday, 1 January 2024

मेनाल के प्रतिहार कालीन मंदिर

मेनाल के प्रतिहार कालीन मंदिर

राजस्थान के चितौड़ के मुख्य ऐतिहासिक स्थल मेनाल मंदिर परिसर में प्रतिहारो के काल में निर्मित दो मंदिर है जो मुख्य महानालेश्वर मंदिर के उत्तर में स्थित है इनमे मध्य का मंदिर बाद का है। दोनो सिरों के मंदिरों की द्वार शाखा के ललाट बिंब पर गरुड़ वाही विष्णु विराजित हैं। गरुड़ दोनों हाथो से नाग सर्प की पूंछ पकड़े हुए हैं। तीनो मंदिर एक ही मंडप से जुड़े हुए हैं जिनके स्तंभ ओसियां के प्रतिहार कालीन मंदिरों के स्तंभों की तरह कलात्मक है। 

मंदिर के बाहर अर्ध नारीश्वर और नटेश की प्रतिमा जड़ी हुई है। यह मंदिर शिव और गौरी को समर्पित रहे किंतु गर्भगृह में वर्तमान में कोई प्रतिमा नही है। मंदिर का शिखर खंडित है। मेनाल में सबसे पहले प्रतिहारो ने अपने मंदिर बनवाए जिसके ये प्रमाणिक उदाहरण है इसके बाद परमार और चौहानों के काल में अलग अलग मंदिरों का निर्माण हुआ।

ओम प्रकाश सोनी 

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